सोनौली बॉर्डर पर विना परमिट के चल रही हैं लगभग दो दर्जन लग्जरी बसें और 50 से अधिक निजी चार पहिया वाहन 

एआरटीओ ने जांच की तो एक बस का टूरिस्ट परमिट फर्जी निकला, विभाग ने दर्ज कराया मुकदमा

टूरिस्ट के नाम पर नेपाल नंबर की बसें भी ढो रही हैं सवारी 

मनोज कुमार त्रिपाठी 

सोनौली महराजगंज! भारत-नेपाल की अंतर्राष्ट्रीय सीमा सोनौली से एक बड़ा मामला सामने आया है। परिवहन विभाग की जांच में दिल्ली और अन्य प्रदेशों तक चलने वाली टूरिस्ट बसों में फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है।

YouTube player

 

 

एआरटीओ की जांच में एक बस का टूरिस्ट परमिट फर्जी पाया गया। यह बस नियमित रूप से यात्रियों को ढो रही थी। विभाग ने इस मामले में मुकदमा दर्ज करा दिया है।

हालांकि सोनौली बॉर्डर से टूर परमिट के नाम पर लगभग दो दर्जन से अधिक लग्जरी बसें और 50 की संख्या में निजी चार पहिया वाहन निजी सवारियों को ढो रही हैं। जब कि इन बसों और निजी चार पहिया वाहनों के पास न तो वैध परमिट है और न ही ये पर्यटक सेवा की शर्तों का पालन करती हैं। इससे परिवहन विभाग को प्रति माह लाखों रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है। कई बार तो इन बसों से तस्करी के सामान भी जप्त किए गए हैं। इन बसों के चलने से जहां एक तरफ यात्रियों की सुरक्षा का खतरा बना रहता है वहीं देश विरोधी तत्वों के भारत में घुसपैठ की आशंका भी बनी रहती है। यही नहीं गाहे-बगाहे तस्कर भी इन्हीं बसों से तस्करी को अंजाम देने से नहीं चूकते।

बीते दिनों कन्नौज में इसी तरह की एक टूरिस्ट बस दुर्घटनाग्रस्त हुई थी जिसमें 16 लोगों ने अपनी जान गवांई थी। बस का रूट परमिट नहीं था। बस अवैध रूप से चल रही थी।

उस समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा था कि विना परमिट के चलने वाली बसों पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया जाए। उनके निर्देश के बाद भी परिवहन विभाग कान में तेल डालकर बैठ गया और आज भी अवैध बसों का संचलन बेरोकटोक जारी है। 

हालांकि कि एआरटीओ महराजगंज मनोज कुमार सिंह ने इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए कार्रवाई का आश्वासन दिया है। विभाग आगे भी जांच अभियान चलाएगा। इससे अवैध बस संचालन पर रोक लगाई जा सकेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!