मनोज कुमार त्रिपाठी
नई दिल्ली,पटना! भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी ) में वापसी हो गई है। मंगलवार को दिल्ली में उन्होंने राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात की। इस दौरान बिहार बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े और सांसद ऋतुराज सिन्हा भी मौजूद रहे। बीजेपी के बिहार प्रभारी विनोद तावड़े ने कहा, “पवन सिंह बीजेपी में थे और हमेशा रहेंगे। सूत्रों के मुताबिक, यह मुलाकात पवन और कुशवाहा के बीच 2024 लोकसभा चुनाव के बाद पैदा हुए तनाव को खत्म करने के लिए हुई।
सूत्रों का कहना है कि पवन सिंह बिहार विधानसभा चुनाव में आरा सीट से एनडीए उम्मीदवार के रूप में उतर सकते हैं। उनकी वापसी से शाहाबाद क्षेत्र (भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर) की 22 विधानसभा सीटों पर BJP को फायदा हो सकता है। सोमवार को पवन ने तावड़े और सिन्हा से भी दिल्ली में मुलाकात की थी, जिसके बाद उनकी वापसी की अटकलें तेज हो गईं।
पवन सिंह ने हाल ही में बिजनेस टायकून अशनीर ग्रोवर के रियलिटी शो ‘राइज एंड फॉल’ को छोड़ दिया। शो छोड़ते समय उन्होंने कहा, “मेरी जनता मेरा भगवान है। चुनाव के समय मेरा फर्ज है कि मैं उनके बीच रहूं।
2024 लोकसभा चुनाव में पवन सिंह ने काराकाट सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा था, जहां एनडीए ने उपेंद्र कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, जीत महागठबंधन के उम्मीदवार की हुई, लेकिन पवन सिंह के निर्दलीय चुनाव लड़ने का असर काराकाट, बक्सर और सासाराम तक दिखा, जहां बीजेपी उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा।
हाल ही में पवन सिंह ने आरा में पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता आरके सिंह से मुलाकात की थी। आरके सिंह ने कहा था कि पवन को बीजेपी में शामिल होना चाहिए। वहीं, एक इंटरव्यू में पवन ने राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव की तारीफ करते हुए कहा था, “तेजस्वी जमीनी नेता हैं, उनके बोल दिल को छूते हैं। जब तेजस्वी को 9 वीं फेल कहने पर सवाल हुआ तो पवन ने हंसते हुए जवाब दिया, “मैं भी 6 वीं पास हूं, लेकिन मेरे पास पढ़े-लिखे लोग काम करते हैं। नीयत होनी चाहिए, पढ़ाई सब कुछ नहीं।
पवन सिंह की दूसरी पत्नी ज्योति सिंह भी राजनीति में कदम रख चुकी हैं। उन्होंने हाल ही में वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी से मुलाकात की और 2025 विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।
पवन सिंह की बीजेपी में वापसी और कुशवाहा से सुलह बिहार चुनाव के समीकरण बदल सकती है। उनकी लोकप्रियता और क्षेत्रीय प्रभाव को देखते हुए एनडीए को मजबूती मिलने की उम्मीद है।









