मनोज कुमार त्रिपाठी
गोरखपुर! जिले के पीपीगंज थाना क्षेत्र में हाल ही में दो पक्षों के बीच हुए विवाद और पनियरा क्षेत्र में हुई गोलीबारी की घटना के बाद पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठने लगे थे। बढ़ते जनाक्रोश और पुलिस की सुस्त कार्रवाई को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राज करन नय्यर ने सख्त कदम उठाते हुए थानाध्यक्ष प्रभुदयाल सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, पनियरा के अकटहवा पुल के पास विवाद के दौरान गोली चलने और कई लोगों के घायल होने की सूचना के बावजूद पुलिस की पहुंच में देरी हुई। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
जांच रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई कि पीपीगंज थाना पुलिस की तत्परता पर सवाल उठाना वाजिब है, जिसके बाद एसएसपी ने यह कार्रवाई की।
एसएसपी राज करन नय्यर ने कहा-
> “जनपद में कानून व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी अधिकारी की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता की सुरक्षा और शांति व्यवस्था सुनिश्चित करना ही पुलिस की पहली जिम्मेदारी है।”
इसी क्रम में उप निरीक्षक अरुण कुमार को पीपीगंज थाना प्रभारी का दायित्व सौंपा गया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे क्षेत्र में शांति व्यवस्था बहाल करें, अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करें और जनता का विश्वास दोबारा मजबूत करें।
स्थानीय लोगों ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि यह एसएसपी की सख्त और जवाबदेह प्रशासनिक नीति का प्रतीक है। जनता को उम्मीद है कि नए प्रभारी के कार्यभार संभालने के बाद क्षेत्र की पुलिसिंग में सुधार देखने को मिलेगा।
पुलिस विभाग के भीतर भी यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है – इसे कानून व्यवस्था पर सख्त निगरानी और अनुशासन की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।