रोजगारमुखी शिक्षा, नया अस्पताल और जनस्वास्थ्य जागरूकता का वादा
मनोज कुमार त्रिपाठी
लुम्बिनी क्षेत्र नम्बर 5 में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को गंभीर विषय बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि अब केवल डिग्री देने वाली शिक्षा नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली शिक्षा की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में नेपाल संस्कृत विश्वविद्यालय और लुम्बिनी बौद्ध विश्वविद्यालय की स्थापना में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विश्वविद्यालय गठन समिति के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने स्वयं पहल की थी और अध्यादेश के माध्यम से विश्वविद्यालय स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई थी।
हालांकि, उनका कहना है कि केवल विश्वविद्यालय खोल देने से क्षेत्र की मूल समस्या हल नहीं होगी। यदि शिक्षा के बाद युवाओं को रोजगार नहीं मिलता, तो ऐसी शिक्षा का कोई अर्थ नहीं रह जाता। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने रोजगारमुखी योजनाओं, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता देने की घोषणा की। उनका दावा है कि इन योजनाओं से स्थानीय युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा और पलायन पर भी रोक लगेगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र पर बोलते हुए उन्होंने लुम्बिनी-5 में एक नए अस्पताल निर्माण की योजना सामने रखी। साथ ही जनस्वास्थ्य को मजबूत करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की बात कही, ताकि लोग स्वयं अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्राथमिक स्वास्थ्य, रोकथाम और जनचेतना पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
नेतृत्व परिवर्तन से कांग्रेस को बढ़त का दावा: भ्रष्टाचार मुक्त नेपाल और सुशासन का संकल्प
पूरे नेपाल में कांग्रेस पार्टी के सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी में व्यापक नेतृत्व परिवर्तन इसका मुख्य कारण है। देश के 165 निर्वाचन क्षेत्रों में कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़ा है और बड़ी संख्या में नए युवाओं को टिकट देकर पार्टी ने परिवर्तन का स्पष्ट संदेश दिया है।
रूपन्देही जिले के पांच क्षेत्रों में से चार पर नए चेहरों को अवसर दिया गया है, जिसे उन्होंने साहसिक और दूरदर्शी कदम बताया। उनके अनुसार, यह बदलाव केवल संगठन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश में भी व्यापक परिवर्तन का आधार बनेगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि कांग्रेस की सरकार बनने पर देश को भ्रष्टाचार मुक्त करने, सुशासन स्थापित करने और नागरिकों के मौलिक अधिकार — लिखने, बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता — को सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। उनका दावा है कि यही परिवर्तन की लहर कांग्रेस को पूरे नेपाल में सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति बनाएगी।