चुनाव का बहिष्कार, व्यवस्था परिवर्तन की मांग- माधव कल्पित

मनोज कुमार त्रिपाठी

काठमांडू! नागरिक बचाओ दल नेपाल के नेता माधव कल्पित ने एक टेलीविजन साक्षात्कार में मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था, आगामी चुनाव और सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान हालात और व्यवस्था में चुनाव का कोई औचित्य नहीं है और दर्जनों राजनीतिक दलों ने एकजुट होकर चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया है।

 

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माधव कल्पित ने बताया कि पांच सूत्रीय मांगों को लेकर पांच दर्जन से अधिक राजनीतिक दलों ने ऐक्यबद्धता जाहिर की
है। इन मांगों को लेकर प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपने के लिए समय मांगा गया है।

उन्होंने कहा कि जब तक देश में सुरक्षा, सुशासन और नागरिकों की रक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक चुनाव कराना जनता के साथ धोखा है।

उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आज भी जेन-जी आंदोलन के दौरान लूटे गए 2100 से अधिक हथियार खुलेआम बाहर हैं, हजारों कैदी फरार हैं और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। ऐसे माहौल में निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव संभव नहीं है।

 

 

माधव कल्पित ने भ्रष्टाचार, बैंक-लघुवित्त-सहकारी संस्थाओं से पीड़ित लाखों नागरिकों, युवाओं के विदेश पलायन और आत्महत्याओं की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार चुनाव का नाटक कर रही है, जबकि जनता की वास्तविक समस्याओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने से किसी ने रोका नहीं है, तो अब तक बड़े भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका दल राजनीति को व्यापार नहीं, बल्कि सेवा मानता है।

उनका लक्ष्य जनता-मुखी व्यवस्था, पूर्ण समानुपातिक चुनाव प्रणाली और महंगे चुनावी ढांचे का अंत करना है, ताकि बिना धनबल के भी ईमानदार लोग राजनीति में आ सकें।

अंत में माधव कल्पित ने कहा कि उनकी लड़ाई सत्ता, पद या चुनाव जीतने के लिए नहीं, बल्कि आम नागरिक को बचाने, देश को असुरक्षा, भ्रष्टाचार और पलायन से बाहर निकालने के लिए है। उन्होंने सरकार से पहले देश में शांति, सुरक्षा और भरोसे का वातावरण बनाने की मांग की, उसके बाद ही चुनाव कराने पर जोर दिया।

 

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