नेपाल के पर्यटन उद्योग और व्यापार पर पड़ रहे विपरीत प्रभाव को देखते हुए नेपाल सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय 

भारतीय पर्यटक अब 4.25 लाख रुपये नकद लेकर जा सकेंगे नेपाल,अभी 25000 से अधिक रुपये हो जाती थी जब्त

नेपाल के पर्यटन और उद्योग जगत द्वारा सरकार के इस ऐतिहासिक निर्णय का किया गया स्वागत 

1. नकद सीमा 25 हजार से बढ़कर 4.25 लाख 

2. पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा 

3. सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को राहत 

उमेश चन्द्र त्रिपाठी 

महराजगंज गोरखपुर! पर्यटन और व्यापार के सिलसिले में नेपाल जाने वाले लोग अब ज्यादा नकदी साथ ले जा सकेंगे। नेपाल सरकार ने भारतीयों के लिए नकद राशि की सीमा 25 हजार से बढ़ाकर 4.25 लाख रुपये कर दी है। अन्य विदेशी यात्री पांच हजार अमेरिकी डॉलर (4,34,048 रुपये) व ट्रैवेलर्स चेक साथ ले जा सकेंगे।

 

छह लाख तक की रकम ले जाने वाले अन्य विदेशी नागरिकों को भंसार कार्यालय पर लिखित जानकारी देनी होगी। अभी तक भारतीयों के पास यदि 25 हजार रुपये से अधिक की धनराशि मिलती थी तो कस्टम या नेपाल पुलिस उसे जब्त कर लेती थी। नेपाल सरकार ने यह निर्णय पर्यटन उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए लिया है।

बता दें कि भारत और नेपाल के बीच आने-जाने के लिए पासपोर्ट या वीजा की आवश्यकता न होने के कारण बड़ी संख्या भारतीय पर्यटक काठमांडू, पोखरा, पशुपतिनाथ समेत नेपाल की पहाड़ियों और अन्य पर्यटन स्थलों पर घूमने जाते रहे हैं। इसके अलावा भारत-नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग बड़ी संख्या में दांत और आंख का उपचार कराने भी नेपाल जाते हैं।

विष्णु प्रसाद पौड़ेल उपप्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री नेपाल

भारत की तुलना में वहां उपचार सस्ता बताया जाता है। मसाला, सूखा मेवा और कास्मेटिक उत्पादों के कारोबार से जुड़े व्यापारी भी भारत से नेपाल जाते हैं। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय पर्यटकों के साथ-साथ कारोबारियों और मरीजों की संख्या में लगातार कमी देखी जा रही थी।

भारतीयों के लिए महज 25 हजार रुपये की नकद राशि साथ ले जाने की व्यवस्था को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा था। नेपाल के पर्यटन उद्योग और व्यापार पर पड़ रहे विपरीत प्रभाव को देखते हुए नेपाल सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया।

 

केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में उप प्रधानमंत्री व वित्त मंत्री विष्णु प्रसाद पौड़ेल ने भारतीय पर्यटकों के लिए नकद राशि की सीमा को बढ़ाने की घोषणा की, जो प्रभावी हो गया है। सोनौली से लेकर भारत-नेपाल की सभी सीमाओं पर इसके बारे में पर्यटकों को जानकारी दी जा रही है।

नकद राशि ले जाने की सीमा भले बढ़ा दी गई है लेकिन नेपाल में 100 रुपये से ऊपर मूल्य के भारतीय नोटों के प्रचलन पर रोक बरकरार रखी गई है। 200 और 500 के नोट वहां के व्यापारी स्वीकार नहीं कर रहे हैं। नेपाल में हवाई या स्थलीय मार्ग से आने वाले अन्य विदेशी यात्रियों की सीमा भी बढ़ाकर पांच हजार अमेरिकी डालर कर दी गई है।

सीपी श्रेष्ठ अध्यक्ष होटल व्यवसाई संघ रूपंदेही नेपाल

सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले नेपाली और भारतीय नागरिक व व्यवसायी नेपाल सरकार के इस ऐतिहासिक निर्णय से प्रसन्न हैं। उनका कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र के भारतीयों को इससे काफी राहत मिलेगी। इन क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए नेपाल के अस्पतालों में जाते हैं। वहीं, व्यापारी वर्ग भी नियमित रूप से नेपाल में कारोबार के सिलसिले में यात्रा करते हैं। अब अधिक नकद साथ ले जाने की अनुमति से इलाज और व्यापार में जरूरतमंदों को सुविधा मिलेगी। 

नेपाल सरकार के इस ऐतिहासिक निर्णय के संबंध में नेपाल होटल व्यवसाई संघ के रूपंदेही जिले के अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश श्रेष्ठ (सीपी श्रेष्ठ) ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे पर्यटन व्यवसाय को काफी गति मिलेगी और इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार भी मिलेगा।

 

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