मनोज कुमार त्रिपाठी
भैरहवा नेपाल! रूपन्देही जिला प्रशासन कार्यालय में पत्रकार राधाकृष्णन पर हमले की कोशिश करने वाले समूह के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन पत्र सौंपा गया।
मंगलवार को नेपाल के पत्रकारों, रूपन्देही और लुंबिनी प्रेस क्लब के सदस्यों ने प्रमुख जिला अधिकारी बासुदेव घिमिरे को प्रत्यक्ष रूप से ज्ञापन सौंपा।
रूपन्देही के पत्रकार संगठन “जर्नलिस्ट जर्नल” और अन्नपूर्ण मिडिया नेटवर्क प्रा.लि. (पी वन टेलीविजन) के सदस्य पत्रकारों पर सोमवार को मर्चवार क्षेत्र में एक समूह द्वारा दुर्व्यवहार और हमले की कोशिश की गई थी। इस घटना को लेकर “जर्नलिस्ट जर्नल रूपन्देही” के अध्यक्ष दिनेश पांडे ने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल प्रेस की स्वतंत्रता, बल्कि मानव अधिकारों पर भी हमला है। घटना के बाद गिरफ्तार आरोपी के हिरासत से भाग जाने की घटना ने रूपन्देही की शांति और प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर राज्य की लापरवाही को उजागर किया है।

उन्होंने सभी दोषियों को गिरफ्तार कर कानूनी दायरे में लाने की मांग की। साथ ही, पत्रकारों पर हमले के दौरान पुलिस की निष्क्रियता को उन्होंने निंदनीय बताया।
वरिष्ठ पत्रकार और कलाकार रामराज पोखरेल ने पत्रकारों द्वारा खींचे गए वीडियो को जबरदस्ती डिलीट करवाने को पत्रकारिता पेशे का अपमान बताया और सुरक्षा निकायों से इस मामले को गंभीरता से लेने की बात कही।
युवा पत्रकार नरेश केसी ने कहा कि पुलिस की निष्क्रियता से ऐसा महसूस होता है कि वह अपने पेशे के प्रति जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने भी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
लुंबिनी प्रेस क्लब के अध्यक्ष कमल रायमाझी ने कहा कि दीपेश यादव के नेतृत्व में सात-आठ लोगों के समूह को गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल बताते हुए संस्थागत रूप से गिरफ्तार कर उन पर कानूनी कार्यवाही की जानी चाहिए। उन्होंने यादव को भगाने में मदद करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की।
क्लब के पत्रकार प्रकाश न्यौपाने ने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर दोषियों और मुख्य आरोपी दीपेश यादव को न पकड़ा गया तथा उन्हें भगाने वाले पुलिस पर कार्रवाई न हुई, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यादव के हिरासत से भाग जाने की घटना ने पुलिस और हमलावरों के बीच मिलीभगत की आशंका को और बल दिया है। उन्होंने पीड़ित पत्रकार राकेश को न्याय दिलाने और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की। द इंडिया एक्सप्रेस न्यूज के प्रभारी मनोज कुमार त्रिपाठी ने नेपाल पत्रकारों पर हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह घटना प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधे-सीधे हमला है। पुलिस को तत्काल दोषी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
घटना के बारे में प्रमुख जिला अधिकारी बासुदेव घिमिरे ने पत्रकारों को सुरक्षा का आश्वासन देते हुए कहा कि वीडियो डिलीट करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी और पूरे मामले की सूक्ष्म जांच की जाएगी।
उन्होंने भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए पुलिस और प्रशासन को सतर्क रहने का निर्देश दिया।
घटना का विवरण:
वैशाख ८ गते सोमवार (यानी कल), भैरहवा से संघीय सरकार की कृषि मंत्री मीरा के कार्यक्रम की कवरेज के लिए मर्चवार जा रहे पत्रकार महासचिव महावीर को मायादेवी गाउपालिका-6 स्थित मकरी में दीपेश यादव नामक व्यक्ति के नेतृत्व में कुछ लोगों ने घेर लिया, दुर्व्यवहार किया और उन पर शारीरिक हमला करने की कोशिश की।
समाचार संकलन के दौरान जब पत्रकारों ने खुलेआम सड़क पर लाइन लगाकर विभिन्न वाहनों के जरिए अवैध गतिविधियों का वीडियो बनाया, तब उक्त समूह ने हमला करने की कोशिश की। उन्होंने पत्रकार राम के बैग की तलाशी ली, कैमरा, मीडिया हाउस का परिचय पत्र और मोटरसाइकिल की चाबी छीन ली, और उन्हें कुछ समय तक बंधक बना लिया।
बंधक बनाए जाने के बाद वीडियो डिलीट करवा कर कैमरा और परिचय पत्र लौटाया गया, लेकिन पत्रकारों का कैमरा इस प्रक्रिया में क्षतिग्रस्त हो गया।