“विकास ही मेरी पहचान”—क्षेत्र-4 में सवेन्द्र नाथ शुक्ला का बड़ा दावा, आरोपों पर सीधा जवाब

मनोज कुमार त्रिपाठी 

रूपन्देही। जनता समाजवादी पार्टी, नेपाल (जसपा) से क्षेत्र नंबर 4 के संसदीय प्रत्याशी सरवेन्द्र नाथ शुक्ला ने अपने ऊपर लग रहे आरोपों और सवालों का विस्तार से जवाब देते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा हमेशा जनता, राष्ट्र और समाज के प्रति पूर्ण समर्पण और ईमानदारी पर आधारित रही है। उन्होंने कहा कि यदि आज जनता उन्हें सम्मान देती है तो वह उनके वर्षों के कार्य और पारदर्शी छवि का परिणाम है, न कि किसी प्रचार का।

 

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शुक्ला ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि खड़वा नदी पर बांध बनाकर मोतीपुर से धौरी तक चौदह गांवों में पहली बार सतही सिंचाई की व्यवस्था सुनिश्चित की गई, जिससे सैकड़ों किसानों को सीधा लाभ मिला। सड़क निर्माण को लेकर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजना के तहत डीवली से बगोली बॉर्डर तक तथा बरसोली से पकड़ी तक पहली पिच सड़क उनके कार्यकाल में बनी, जिसने क्षेत्र को मुख्य मार्गों से जोड़ा और आवागमन को आसान बनाया।

 

 

शिक्षा के क्षेत्र में योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि क्षेत्र का पहला कैंपस स्थापित कराने के लिए उन्होंने लंबा संघर्ष किया और अंततः उसे त्रिभुवन विश्वविद्यालय से मान्यता दिलाई। विद्युत विस्तार के संबंध में उन्होंने दावा किया कि दो वर्षों के भीतर लगभग 250 गांवों में विद्युतीकरण कराया गया, जो आज के मूल्यांकन के अनुसार करोड़ों रुपये की परियोजना के बराबर है। इसके अलावा 20 डीप ट्यूबवेल की स्थापना कराई गई, जिससे कृषि उत्पादन को मजबूती मिली।

उन्होंने यह भी कहा कि जब कई सरकारी कार्यालयों की शाखाएं बुटवल स्थानांतरित की जा रही थीं, तब उन्होंने संघर्ष कर मरचवार में ही मालपोत, नापी और विद्युत कार्यालय की शाखाएं स्थापित कराईं, ताकि स्थानीय जनता को दूर-दराज न जाना पड़े। शुक्ला ने दावा किया कि सत्तर से चौहत्तर के बीच लगभग 130 ग्रेवल सड़कों का निर्माण उनके कार्यकाल में हुआ, जो आगे चलकर पक्की सड़कों का आधार बनीं।

विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि “पूर्वाग्रह या दृष्टिदोष से ग्रसित लोग ही विकास कार्यों को नजरअंदाज करते हैं। जनता सब जानती है और वही अंतिम निर्णय करेगी।”

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