विकास, भ्रष्टाचार और जनसंपर्क पर पुराने नेताओं पर साधा निशाना
मनोज कुमार त्रिपाठी
एमाले पार्टी से क्षेत्र नंबर चार के संसदीय प्रत्याशी प्रमोद यादव ने एक बातचीत में क्षेत्र की बदहाल स्थिति पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मर्चवार क्षेत्र में पिछले साढ़े तीन वर्षों से विकास पूरी तरह ठप है। न सड़कें ठीक हैं, न अस्पताल, न ही गुणवत्तापूर्ण स्कूल और सिंचाई की व्यवस्था। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 1974 से 1979 के बीच उनके कार्यकाल में विकास की जो लहर चली थी, वही आज भी दिखाई देती है, इसके बाद क्षेत्र को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।
प्रमोद यादव ने आरोप लगाया कि अब तक चुने गए जनप्रतिनिधि पद लेकर चले गए, जनता से संपर्क तोड़ा और काठमांडू में क्षेत्र की आवाज तक नहीं उठाई। उन्होंने कहा कि आज जनता “प्रमोद यादव के बिना विकास नहीं होगा” का नारा दे रही है और हर वर्ग—बुजुर्ग, महिलाएं, युवा और बुद्धिजीवी—उनके साथ खड़ा है।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि ठेकेदारी कार्यों में भारी कमीशनखोरी और नगर पालिकाओं में फर्जी बिलों की शिकायत आम है। यह तभी रुकेगा जब शिक्षित, ईमानदार और जनसेवा को प्राथमिकता देने वाला नेतृत्व चुना जाएगा। प्रमोद यादव ने भरोसा दिलाया कि यदि उन्हें जनता का समर्थन मिला तो 18 महीनों के भीतर सड़क को बॉर्डर तक पहुंचाया जाएगा, छोटी भंसार खोली जाएगी और मर्चवार को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।