जल जीवन मिशन की प्रगति पर जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने जताया असंतोष, 30 दिन में लक्ष्य पूरा करने के लिए सख्त निर्देश 

उमेश चन्द्र त्रिपाठी 

महराजगंज! जल जीवन मिशन के तहत जनपद में चल रही पेयजल परियोजनाओं की रफ्तार धीमी पड़ते ही जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में लंबी बैठक कर तीनों कार्यदायी एजेंसियों जेएमसी, कोया और रिथविक को कड़े निर्देश जारी किए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अनुराज जैन, अधिशासी अभियंता जल निगम आतिफ हुसैन, सहायक अभियंता महेश चंद्र आजाद सहित सम्बन्धित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

प्राप्त समाचार के अनुसार अधिशासी अभियंता ने जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत आंकड़ों में बताया कि फेज-II में जेएमसी की 341 परियोजनाएं संचालित हैं, जिनसे 446 ग्राम पंचायतें लाभान्वित होंगी। फेज-III में कोया की 205 परियोजनाएं चल रही हैं, जो 345 ग्राम पंचायतों को कवर करती हैं, जबकि रिथविक की 174 परियोजनाएं लगभग 302 ग्राम पंचायतों को पेयजल उपलब्ध कराएंगी। इन योजनाओं के तहत ट्यूबवेल, ओवरहेड टैंक (ओएचटी), पंप हाउस, पाइपलाइन और घरेलू नल कनेक्शन का निर्माण प्रस्तावित है।

जिलाधिकारी ने असंतोष जताते हुए कहा, “पिछले माह हमारी आपसी सहमति से जो लक्ष्य तय किए गए थे, वे अधूरे रहना स्वीकार्य नहीं है। ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। अगले 30 दिन में निर्धारित लक्ष्य हर हाल में पूरे होने चाहिए, अन्यथा जवाबदेही तय की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन ग्रामों में भूमि विवाद अथवा अधिग्रहण संबंधी अड़चनें हैं, वहां राजस्व व पुलिस टीम के साथ पहुंचकर उसी दिन काम शुरू किया जाए। विवाद वाले सभी स्थलों की श्रेणीबद्ध सूची तैयार करके दो दिन में उपलब्ध कराने को भी कहा गया।

बैठक के दौरान ड्रिलिंग, हाइड्रो-टेस्टिंग, बाउंड्री वॉल निर्माण और सड़क अनुरक्षण कार्यों की धीमी प्रगति पर भी चिंता जताई गई।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि मॉनसून से पूर्व जितने अधिक ट्यूबवेल और पाइपलाइन सेक्शन चालू हो सकते हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि वर्षा के मौसम में जलभराव की समस्या से जूझ रहे गांवों को तुरंत राहत मिल सके।

उन्होंने पूर्ण हो चुकी योजनाओं में नियमित जलापूर्ति शीघ्र शुरू कराने पर ज़ोर देते हुए कहा, “परियोजना खत्म होते ही पानी की आपूर्ति शुरू होनी चाहिए, वरना जनता में परियोजना की विश्वसनीयता पर सवाल उठेंगे।” साथ ही, जिन स्थलों पर सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं, उनकी गुणवत्ता और ऊर्जा-उत्पादन क्षमता का मौके पर परीक्षण कर रिपोर्ट मांगी गई। विद्युत कनेक्शन न होने के कारण लंबित योजनाओं के लिए पॉवर कॉर्पोरेशन से तालमेल बढ़ाकर जलापूर्ति तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने अंत में कहा कि जल जीवन मिशन केवल संरचनाएं खड़ी करने का मामला नहीं, बल्कि “हर घर नल से जल” के वादे को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का अभियान है। उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदार एजेंसियों से पारदर्शिता एवं गुणवत्ता बरतते हुए जनता के प्रति जवाबदेही निभाने का आह्वान किया। कुल मिलाकर, जिले में पेयजल परियोजनाओं की रफ्तार तेज करने और तय समयसीमा में लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रशासन ने 17 जून 2025 को एक स्पष्ट कार्ययोजना और सख्त निगरानी तंत्र तैयार कर दिया है।

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