उमेश चन्द्र त्रिपाठी
महराजगंज के जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने सोमवार को जिला महिला अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ओपीडी, जनरल वार्ड, इमरजेंसी वार्ड सहित अस्पताल के विभिन्न विभागों का गहन निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधे संवाद कर उपचार की गुणवत्ता, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई एवं स्टाफ के व्यवहार को लेकर फीडबैक लिया।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मरीजों को समयबद्ध, संवेदनशील और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ठंड के मौसम को देखते हुए जिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की विशेष देखभाल के निर्देश दिए। उन्होंने वार्डों में पर्याप्त कंबल, हीटर और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा अस्पताल परिसर में बेहतर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
निरीक्षण के दौरान ओपीडी में कुल 82 मरीज पंजीकृत पाए गए। ओपीडी में डॉ. रूपाली, डॉ. अरुण, डॉ. ज्योत्सना और डॉ. शालिनी द्वारा मरीजों का उपचार किया जा रहा था।
जिलाधिकारी ने चिकित्सकों को मरीजों के साथ सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार और समुचित परामर्श देने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि किसी मरीज को बाहर से दवा या जांच कराने का दबाव डालने की शिकायत मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इसके बाद जिलाधिकारी ने अस्पताल के पांचवें तल पर निर्माणाधीन आईपीएचएल लैब का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था यूपीसीएलडीएफ को निर्देश दिया कि 99.99 लाख रुपये की लागत से बन रही इस लैब का निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूर्ण किया जाए और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने सीएमएस को निर्देशित किया कि अस्पताल में आने वाले हर मरीज को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा ठंड के मद्देनजर अतिरिक्त इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, सीएमएस डॉ. ए.के. द्विवेदी, डॉ. ए.बी. त्रिपाठी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।





