समृद्धि के लिए संघीय हिन्दू गणराज्य आवश्यक – विनय यादव

मनोज कुमार त्रिपाठी

काठमांडू! सिराहा के गोल बाजार स्थित राष्ट्रीय एकता अभियान द्वारा हाल ही में ‘संघीय हिन्दू गणराज्य के लिए राष्ट्रीय अभियान एक परिचय’ विषय पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वर्तमान समय की संवेदनशीलता, राष्ट्रीय पहचान की रक्षा और हिन्दू धर्म-संस्कृति के संरक्षण से जुड़े गंभीर विषयों पर चर्चा की गई, और नेपाल के भविष्य की संरचना के लिए एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया।

 

 

 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं अभियान के केंद्रीय अध्यक्ष विनय यादव ने वर्तमान राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भों में संघीय हिन्दू गणराज्य की आवश्यकता को अपरिहार्य बताया। उन्होंने कहा कि एक समृद्ध नेपाल के लिए भी संघीय हिन्दू गणराज्य की स्थापना आवश्यक है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि नेपाल में हिन्दू सभ्यता, परंपरा और संस्कार की ऐतिहासिक गहराई है। उन्होंने कहा, “आज नेपाल में धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान पर लगातार प्रहार हो रहा है। ऐसे समय में हिन्दुओं की बहुलता को सम्मान देते हुए संघीय ढांचे के भीतर हिन्दू गणराज्य की परिकल्पना आज की आवश्यकता बन गई है।

अध्यक्ष ने यह भी तर्क दिया कि संघीय हिन्दू गणराज्य, देश के बहुलतावादी चरित्र को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा, “नेपाल में विभिन्न जातियों, भाषाओं और धर्मों के समुदाय सह-अस्तित्व में हैं, लेकिन राष्ट्रीय एकता की रीढ़ हिन्दू सभ्यता है। इसे संवैधानिक मान्यता देकर संरक्षित करना आवश्यक है।” उन्होंने यह स्पष्ट किया कि हिन्दू धर्म के आधार पर राज्य व्यवस्था का अर्थ अन्य धर्मों का अपमान नहीं है, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता को कायम रखने का दायित्व निभाना है।

कार्यक्रम में स्थानीय समाजसेवी दीपक अग्रवाल, राजेन्द्र गुप्ता, इंजीनियर प्रमोद राउत आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने राष्ट्रीय एकता अभियान द्वारा उठाए गए विचारों का समर्थन करते हुए नेपाल में हिन्दू गणराज्य की रूपरेखा तैयार करने के लिए पहल की आवश्यकता पर बल दिया। अग्रवाल ने नेपाल की मौलिक सभ्यता के आधार पर राज्य व्यवस्था के पुनर्संरचना की आवश्यकता बताई, जबकि यादव ने युवा पीढ़ी से हिन्दू मूल्यों और मान्यताओं के संरक्षण में आगे आने का आह्वान किया।

राष्ट्रीय एकता अभियान ने यह निष्कर्ष निकाला कि संघीय संरचना के साथ-साथ हिन्दू पहचान और राष्ट्र के असली स्वरूप को बचाने के लिए देशव्यापी बहस की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले दिनों में विभिन्न प्रांतों में ऐसे कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन किया जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों को हिन्दू राष्ट्र के लिए जागरूकता फैलाने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम ने राष्ट्र, धर्म और संस्कृति के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः उजागर करते हुए राष्ट्रीय एकता का संदेश प्रसारित किया। कार्यक्रम में अभियान के केंद्रीय उपाध्यक्ष एवं संविधान सभा सदस्य भूपेंद्र चौधरी ने भी संबोधन किया, और केंद्रीय सदस्य एवं दलित विभाग प्रमुख जीतेन्द्र दास ने कार्यक्रम का संचालन किया।

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