मनोज कुमार त्रिपाठी
झापा।
झापा के बिर्तामोड–1 में निर्माणाधीन बहुजातीय सांस्कृतिक संग्रहालय सहित झापा नाटकघर को राष्ट्रीय सांस्कृतिक धरोहर घोषित करने की मांग को लेकर क्षितिज नाट्य प्रतिष्ठान, झापा की टीम ने ‘एक ईंट अभियान’ के तहत नेपाल के माननीय अर्थमंत्री रामेश्वर खनाल को ज्ञापनपत्र सौंपा। यह ज्ञापन संस्कृति, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्रालय के माध्यम से अर्थ मंत्रालय में प्रस्तुत किया गया।

माधव ‘कल्पित’ के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय जनसहभागिता, श्रमदान और छोटे-छोटे सहयोग से निर्मित हो रहे झापा नाटकघर को राष्ट्रीय सांस्कृतिक संपदा के रूप में स्थापित करने के लिए आवश्यक बजट, संरचनात्मक सहयोग और दीर्घकालीन संरक्षण की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि झापा नाटकघर केवल रंगमंच तक सीमित न रहकर बहुजातीय, बहुभाषिक और बहुसांस्कृतिक पहचान को समेटे एक साझा सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
अभियानकर्ताओं ने चेतावनी दी कि कला, साहित्य और रंगमंच का संरक्षण किए बिना समाज की चेतना, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पहचान कमजोर पड़ सकती है। उन्होंने सरकार से इस ऐतिहासिक पहल को संरक्षित और प्रोत्साहित करने की अपील की।
ज्ञापन सौंपने वाली टीम में क्षितिज नाट्य प्रतिष्ठान नेपाल के केंद्रीय अध्यक्ष एवं झापा नाटकघर के परिकल्पनाकार माधव ‘कल्पित’, नाट्य समूह की उपाध्यक्ष व रंगकर्मी सुजना खतिवड़ा, अंतरराष्ट्रीय कलाकार संघ के सदस्य राजू श्रेष्ठ, अनिता पौड्याल, पुष्पराज भंडारी तथा नाटकघर के सलाहकार एवं भूमि दाता कुमार पौड्याल शामिल थे।
केंद्रीय अध्यक्ष माधव ‘कल्पित’ ने बताया कि करीब सात वर्ष पूर्व सड़क पर “एक ईंट” मांगकर शुरू किए गए इस अभियान ने स्थानीय संसाधनों के बल पर कोशी प्रदेश के संभावित पहले नाट्य संग्रहालय की नींव रखी। अब तक लगभग 3 करोड़ 50 लाख नेपाली रुपये की लागत से नाटकघर की संरचना तैयार की जा चुकी है। साथ ही 1 धुर भूमि दान के माध्यम से कुल 145 धुर भूमि नाट्य समूह के नाम सुरक्षित की गई है।
उन्होंने आगे बताया कि कोशी प्रदेश का सबसे बड़ा बहुजातीय, बहुभाषिक और बहुसांस्कृतिक संग्रहालय बनाने के उद्देश्य से लगभग 25 करोड़ रुपये की दीर्घकालीन परियोजना का प्रस्ताव अर्थमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।






