शव को लेकर परिजन गाजियाबाद के लिए रवाना
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
सोनौली महराजगंज! नेपाल हिंसा के दौरान गाजियाबाद निवासी व्यापारी की पत्नी की मौत हो गई जिसका शव नेपाली एंबुलेंस से सोनौली बॉर्डर पर पहुंचा है जहा गाजियाबाद से आये परिजनों ने शव को अपने कब्जे में लिया और इंडियन एंबुलेंस से शव लेकर गाजियाबाद रवाना हो गए।

नेपाल हिंसा के दौरान गाजियाबाद निवासी व्यापारी की पत्नी की मौत हो गई। नेपाली एंबुलेंस से शव सोनौली बॉर्डर पर पहुंचा है जहा गाजियाबाद से आये परिजनों ने शव को अपने कब्जे में लिया और इंडियन एंबुलेंस से शव लेकर गाजियाबाद रवाना हो गए।
मीडिया से बातचीत में परिजन तिलक राम ने बताया की बीते 7 सितम्बर को गाजियाबाद निवासी दम्पति पति-पत्नी काठमांडू पशुपति नाथ मन्दिर दर्शन करने गए थे। वहां होटल हयात में दम्पति रुके थे।
जहां 9 सितम्बर को नेपाल में हिंसा के दौरान होटल में प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दिया। जिसके बाद चारो ओर धुआं-धुआं फैल गया। नेपाली आर्मी ने होटल मे रेस्क्यू अभियान चलाया जिसमे दम्पति को रस्सी के सहारे नीचे उतारा। समय पर सही इलाज न मिल पाने के कारण व्यापारी की पत्नी राजेश गोला उम्र 55 वर्ष की मौत हो गई।
परिजनों ने बताया कि व्यापारी पति सही सलामत है। आज शाम को नेपाली एंबुलेंस से शव भारत के सोनौली बॉर्डर पर पहुंंचा जहा परिजन पहले से इंडियन एंबुलेंस लेकर आये थे। शाम को 7 बजे के करीब जैसे ही शव आया दुःखी परिजनों ने शव को कब्जे में लेकर गाजियाबाद रवाना हो गए।



