उमेश चन्द्र त्रिपाठी
महराजगंज! दीपावली की खुशियां एक परिवार के लिए गम में बदल गईं। महराजगंज जनपद के परसा मलिक थाने के हरलालगढ़ ग्राम निवासी मेवालाल पिछले 6 दिनों से अपनी पत्नी और दो छोटे बच्चों की तलाश में गांव-गांव, शहर-शहर भटक रहा है। कभी बच्चों की तस्वीरें लोगों को दिखाता है, तो कभी पत्नी का चेहरा किसी को याद दिलाने की कोशिश करता है पर अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिला।
जानकारी के अनुसार, मेवालाल ने लगभग सात वर्ष पहले प्रेम विवाह किया था। उसकी पत्नी से उसके दो बच्चे हैं। परिवार का भरण-पोषण करने के लिए मेवालाल अक्सर घर से बाहर काम करने जाया करता था। दीपावली के तीसरे दिन जब वह घर लौटा, तो देखा कि पत्नी और दोनों बच्चे गायब हैं। घर का दरवाजा खुला था, लेकिन भीतर सन्नाटा पसरा हुआ था। पहले तो उसने सोचा कि शायद पत्नी मायके गई हो, लेकिन वहां पूछने पर भी कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद उसने आसपास के गांवों, रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क किया मगर सभी जगह से निराशा ही हाथ लगी।
थक हारकर मेवालाल ने थाना परसा मलिक में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आसपास के इलाकों में तलाश शुरू की है, लेकिन छह दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस सुराग नहीं मिला।
मेवालाल का कहना है कि मेरी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है, न ही घर में कोई विवाद था। बस एक दिन में सब कुछ खत्म हो गया… बच्चे कहां हैं, पत्नी कहां है, कुछ समझ नहीं आ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मेवालाल पिछले कुछ दिनों से लगातार सड़कों पर घूमते नजर आ रहा है, कभी पोस्टर चिपकाता है तो कभी राहगीरों से मदद मांगता हैं।गांव में उसके इस दर्द की चर्चा हर किसी की जुबां पर है।
पुलिस ने बताया कि मोबाइल लोकेशन और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। साथ ही पड़ोसी जिलों की पुलिस को भी अलर्ट किया गया है।
अब सवाल यह है कि दीपावली के उजाले में मेवालाल के घर का यह अंधेरा कब छंटेगा और क्या वह अपने बच्चों व पत्नी से फिर कभी मिल पाएंगे?