— राप्रपा प्रत्याशी मीन प्रसाद घिमिरे का स्पष्ट ऐलान
मनोज कुमार त्रिपाठी
रुपन्देही (क्षेत्र संख्या–5):
राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (राप्रपा) की ओर से क्षेत्र नंबर पाँच से सांसद प्रत्याशी मीन प्रसाद घिमिरे ने चुनावी राजनीति को लेकर एक स्पष्ट और मजबूत संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि वे उन नेताओं में से नहीं हैं जो चुनाव जीतने के बाद जनता से कटकर काठमांडू में बैठ जाते हैं।

सालडंडी निवासी मीन प्रसाद घिमिरे ने बातचीत के दौरान कहा,
“यह क्षेत्र मेरा घर है। मेरी जड़ें यहीं हैं। जनता से दूरी बनाकर राजनीति करने में मेरा विश्वास नहीं है। चाहे जीत हो या हार, मैं हमेशा जनता के साथ रहूँगा।”
जनता का ‘असल अभिभावक’ बनने का संकल्प
घिमिरे ने कहा कि इस क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या यह रही है कि चुनाव जीतने वाले प्रतिनिधि जनता के लिए उपलब्ध नहीं रहते।
“फोन नहीं उठते, शिकायतें नहीं सुनी जातीं। मैं इस परंपरा को तोड़ने आया हूँ। मैं जनता का असल अभिभावक बनकर हर समस्या में साथ खड़ा रहूँगा,” उन्होंने कहा।
माओवादी द्वंद काल से आज तक क्षेत्र में सक्रिय
मीन प्रसाद घिमिरे ने बताया कि वे पिछले 43 वर्षों से लगातार जनता के बीच सक्रिय हैं। माओवादी द्वंद काल जैसे कठिन समय में भी उन्होंने क्षेत्र नहीं छोड़ा।
वे पंचायत काल में वडा अध्यक्ष रहे, दो बार ग्रामसभा अध्यक्ष चुने गए और अपने कार्यकाल में सड़क, पुल, बांध, विद्यालय तथा सामुदायिक बैंक जैसी अनेक विकास योजनाओं को धरातल पर उतारा।
काठमांडू नहीं, क्षेत्र रहेगा प्राथमिकता
उन्होंने दो टूक कहा कि वे केवल पार्टी और संसदीय कार्यों के लिए ही काठमांडू जाएंगे, बाकी समय क्षेत्र में रहकर जनता की सेवा करेंगे।
“मैं फील्ड में रहूँगा, जनता के सुख-दुख में शामिल रहूँगा। मेरा घर यहीं है, मेरी राजनीति भी यहीं है,” घिमिरे ने कहा।
धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा का आह्वान
राप्रपा की विचारधारा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि
“राष्ट्र, धर्म, संस्कार और संस्कृति की रक्षा आज सबसे बड़ी जरूरत है। यह लुंबिनी की पावन धरती है। हिंदू धर्म और राजसंस्था का संरक्षण हमारी पहचान और सभ्यता से जुड़ा हुआ है।”
मीन प्रसाद घिमिरे के इस बयान के बाद क्षेत्र संख्या पाँच में राजनीतिक माहौल तेज हो गया है। जनता के साथ उनके लंबे जुड़ाव और ज़मीनी अनुभव को लेकर चर्चाएँ और समर्थन दोनों बढ़ते दिखाई दे रहे हैं।






