सोनौली में अवैध बस पार्किंग का बोलबाला, टूर परमिट की आड़ में यात्रियों को ढो रही हैं बसें, सोनौली रोडवेज को हर माह लाखों रुपए राजस्व का नुकसान

उमेश चन्द्र त्रिपाठी 

महराजगंज! भारत-नेपाल सीमा सोनौली पर अवैध बस पार्किंग और दूर परमिट के नाम पर यात्रियों को ढोने का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है।

नेपाल से आने वाले यात्रियों को प्राइवेट वाहनों के बिचौलिये जबरन अपनी बसों और गाड़ियों में बैठाकर लखनऊ, दिल्ली, कानपुर, कोलकाता, हैदराबाद, जयपुर सहित देश के कई बड़े शहरों तक ले जा रहे हैं। इस अवैध बसों के संचालन से सोनौली रोडवेज विभाग को हर महीने लाखों रुपये राजस्व का नुकसान झेलना पड़ रहा है।

 

रोडवेज बस स्टैंड के पास ही बनी यह अवैध पार्किंग जिम्मेदार अधिकारियों की कथित मिली-भगत से निर्बाध रूप से चल रही है। डग्गा मार बस, नेपाल से लेकर

सोनौली तक दर्जनों बसें केवल दूर परमिट के सहारे यात्रियों को जबरिया भरकर ले जाती हैं। यात्रियों बीर बहादुर थापा, सुनील कार्की, प्रवीण गुरुंग, रीता पौड़ेल,संजू थापा, प्रदीप थापा, राकेश भट्टराई, रण बहादुर,प्रेम सागर गुरूंग का कहना है कि सीमा पार करते ही उन्हें दलाल घेरकर इन बसों और मिनी कोचों में बैठा लिया जाता है, और किराया मनमाने तरीके से वसूला जाता है।

स्थानीय सूत्र बताते हैं कि दो दर्जन से अधिक बसें रोजाना नेपाल के बुटवल व सोनौली में अवैध रूप से खड़ी रहती हैं, जबकि रोडवेज की नियमित बसें सही संख्या में सवारियां न मिलने के कारण खाली चलती हैं। यही कारण है कि विभाग को हर महीने भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ता है।

सबसे गंभीर बात यह है कि एआरटीओ व संबंधित जिम्मेदार अधिकारी केवल खानापूर्ति के लिए कभी-कभार एक-दो बसों का चालान कर देते हैं, जिसके बाद मामला वहीं दब जाता है और अवैध संचालन फिर से शुरू हो जाता है।

स्थानीय लोगों और यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि सोनौली में अवैध बस पार्किंग और टूर परमिट के नाम पर चल रहे इस सवारी-धोने के खेल पर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि सीमा क्षेत्र में व्यवस्था बहाल हो सके और रोडवेज विभाग को होने वाली भारी क्षति रोकी जा सके। एआरटीओ मनोज कुमार सिंह का कहना है कि जल्द ही टीम बनाकर अवैध बसों के संचालक पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

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