गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया सामूहिक योग, कहा स्वस्थ जीवन का असली मंत्र है योग

भारत की ऋषि परंपरा का हिस्सा है योग – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 

उमेश चन्द्र त्रिपाठी 

गोरखपुर! उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 11 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर में आयोजित सामूहिक योग सत्र का नेतृत्व किया। सुबह 6 बजे शुरू हुए इस सत्र में लगभग 1,500 लोगों ने भाग लिया। जिसमें जनप्रतिनिधि और आम नागरिकों ने बढ चढकर हिस्सा लिया।

 

इस कार्यक्रम में गोरखपुर के सांसद रवि किशन और जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी मौजूद रहे। इसी दौरान राज्य में अन्य स्थानों पर भी योग सत्र चले। राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल लखनऊ स्थित राजभवन में, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने गाजियाबाद में, जबकि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लखनऊ रेजीडेंसी में योग कार्यक्रमों की अगुआई की। कई कैबिनेट मंत्री भी अपने-अपने जिलों में योग कार्यक्रमों का संचालन कर रहे थे।

योग दिवस की शुभकामनाएं दीं

योग सत्र के बाद सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सभी को योग दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि योग स्वस्थ जीवन का मंत्र है, यह हमें निरोग रखता है और स्वस्थ शरीर से सभी काम पूरे किए जा सकते हैं। योग भारत की ऋषि परंपरा का हिस्सा है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर पहुंचाया। आज लगभग 190 देश योग से जुड़े हैं। योग को स्वस्थ आदत बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने शहरी इलाकों में 100 से अधिक योग पार्क भी विकसित किए हैं। ये पार्क आयुष मंत्रालय के मानकों पर बने हैं और इस साल की थीम “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” को सही मायने में दर्शाते हैं।

स्वस्थ शरीर से ही पूरी होती हैं इच्छाएं- सीएम योगी

सीएम योगी ने कहा कि हमारी इच्छाएं तभी पूरी होती हैं जब हमारा शरीर पूरी तरह से स्वस्थ हो। एक अच्छा स्वास्थ्य ही हमें आध्यात्मिक रूप से आगे बढ़ने में मदद करता है और यह सब योग के माध्यम से संभव है। योग को एक लोक कल्याण का साधन बनाकर, इसे दुनिया की भलाई के रास्ते से जोड़ा गया है। यह कोई नई बात नहीं, बल्कि भारत की एक बहुत पुरानी परंपरा है। योग के अलग-अलग रूप और फायदे हमें देखने को मिलते हैं। सीएम योगी ने कहा कि जब भी दुनिया भारत की तुलना करती है, तो हमारे ऋषियों की उच्च चेतना को पहचानती है। भारत के योग और ध्यान ने दुनियाभर को आत्मिक जागरूकता का रास्ता दिखाया है। योग न केवल व्यक्तित्व को निखारता है, बल्कि यह ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने में भी मदद करता है।

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