सार
महराजगंज में उर्वरक की कालाबाजारी और तस्करी रोकने के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई जांच में कई विक्रेता दोषी पाए गए, जिनके लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। एक विक्रेता का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। अब बड़े पैमाने पर यूरिया खरीदने वाले संदिग्ध खरीदारों पर भी गाज गिरने वाली है।
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
महराजगंज! जिले में लंबे समय से किसानों को समय से उचित दर पर यूरिया खाद उपलब्ध कराने की चुनौती बनी हुई थी। उर्वरक की कालाबाजारी और अवैध बिक्री की लगातार शिकायतों के बाद जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने सख्ती दिखाते हुए बड़ा कदम उठाया है।
जिला कृषि अधिकारी शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने मीडिया को जानकारी दी है कि जिलाधिकारी के निर्देशों पर हाल ही में एक टन से अधिक यूरिया खरीदने वाले संदिग्ध क्रेताओं की जांच उप जिलाधिकारी स्तर से कराई गई। इसके साथ ही लखनऊ से आई विशेष टीम ने भी विभिन्न बिक्री केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का आकलन किया।
प्रशासन को मिली रिपोर्ट में कई अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद कठोर कार्रवाई करते हुए कई विक्रेताओं को चिन्हित कर उनके खिलाफ कदम उठाए गए। प्रथम चरण में जिन उर्वरक विक्रेताओं पर गाज गिरी है, उनमें खान फर्टिलाइजर, अग्रहरी खाद भण्डार, शिव संकल्प एग्री टेक, विवेक ट्रेडर्स, ओम नमः शिवाय ट्रेडर्स, जायसवाल सेवा केन्द्र (लक्ष्मीपुर), मां दुर्गा भण्डार, मां लक्ष्मी ट्रेडर्स और त्रिपाठी ट्रेडर्स (हरपुर तिवारी) शामिल हैं। इन सभी के लाइसेंस निलंबित कर उनसे जवाब-तलब किया गया है। वहीं बृजमनगंज क्षेत्र के लालपुर स्थित जय महाकाल खाद भण्डार का लाइसेंस पूरी तरह निरस्त कर दिया गया है।
प्रशासन का शिकंजा केवल विक्रेताओं तक ही सीमित नहीं है। जांच में सामने आया कि कई ऐसे खरीदारों ने भारी मात्रा में यूरिया खरीदा जिनकी कृषि योग्य भूमि बेहद कम या नगण्य है। ऐसे संदिग्ध खरीदारों के खिलाफ भी नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि यह स्थिति पहली बार नहीं है। पूर्व में भी इस तरह की अनियमितताओं के मामले प्रकाश में आए थे। उस समय ग्राम हरदीडाली, विकास खंड नौतनवा के तीन व्यक्तियों निजामुद्दीन पुत्र वकील, इरफान पुत्र हकीमुल्लाह और सरफुद्दीन पुत्र शमसुद्दीन के विरुद्ध सोनौली थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि शासन की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत किसी भी स्तर पर कालाबाजारी या तस्करी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने निर्देश दिया है कि खाद की कालाबाजारी और अवैध क्रय-विक्रय में शामिल किसी भी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी खतौनी/जोतबही और आधार कार्ड लेकर निकटतम बिक्री केंद्र पर जाएं और निर्धारित मूल्य 266.50 रु प्रति बोरी की दर से ही यूरिया खरीदें। किसानों को चेतावनी दी गई है कि वे अनावश्यक अग्रिम भंडारण न करें। उन्होंने कहा कि जरूरत से अधिक खाद का संग्रह न केवल कालाबाजारी को बढ़ावा देता है, बल्कि इससे अन्य जरूरतमंद किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध नहीं हो पाता है जिससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है।





