सरकार को लगाया जा रहा था करोड़ों का चूना
राष्ट्रीय राजमार्ग 135 पर अतरैला शिवगुलाम टोल प्लाजा पर हैंड मशीन से की जाती रही है वसूली
टोल से प्रतिदिन लाखों रुपये मनमाने ढंग से निजी वसूली कर सरकार को पहुंचाया गया नुकसान
एसटीएफ की छापेमारी के बाद टोल प्लाजा पर पसरा सन्नाटा
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
लखनऊ मिर्जापुर! यूपी के मिर्जापुर जिले में स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग 135 पर स्थित अतरैला शिवगुलाम टोल प्लाजा से अवैध वसूली का भांडा अंततः फूट ही गया। सालों से यहां लगातार अवैध वसूली की शिकायत आती रही है। ठोस कार्रवाई के अभाव में टोल संचालक की रजामंदी पर मनमाने ढंग से यहां वाहनों चालक के साथ मनमाने ढंग से वसूली के प्रकरण सामने आते रहे हैं।

कई-कई बार इस टोल प्लाजा से आने वाले बड़े वाहनों को टोल कर्मियों द्वारा जबरन रोक लिया जाता था। वाहनों को पास कराने के नाम पर उनका शोषण किया जाता था। इसकी शिकायत भी संबंधित विभाग से की गई लेकिन कार्रवाई के अभाव में इस टोल प्लाजा पर कभी कार्रवाई नहीं की गई।
बुधवार की भोर में लखनऊ एसटीएफ की कड़ी कार्रवाई से दिन भर टोल प्लाजा पर सन्नाटा पसरा रहा
दअअसल, राष्ट्रीय राजमार्ग पर अतरैला शिवगुलाम टोल प्लाजा का संचालन 2021 से चलना प्रारंभ हुआ। मात्र तीन चार सालों में कई कंपनियां बदल गईं। हालात ये है कि सभी ने अपने आपको टोल पर घाटा होना बताया।
टोल वसूलने वाली पूर्व की एक कंपनी के अधिकारी ने मीडिया को बताया कि टोल की वसूली क्षमता प्रतिदिन की 20 लाख रुपए से ऊपर है । वर्तमान में इसमें और भी वृद्धि हुई होगी। टोल कंपनियां घाटा बताकर मुनाफा करने का खेल करती हैं। फिलहाल बुधवार की कार्रवाई से यह तय हो गया कि टोल पर किस प्रकार से वाहनों से अवैध वसूली का खेल किया जा रहा है।
वर्तमान में डेल कंपनी को वसूली का जिम्मा
अतरैला में 2021 से शुरू हुए टोल प्लाजा के बाद अब तक कई कंपनियां टोल वसूली का कार्य कर चुकी हैं। कोरल एसोसिएट के टोल संचालक रहे शैलेश पांडेय ने मीडिया को बताया कि सबसे पहले यहां टोल कंपनी पुष्पा राय की थी। उसके बाद उदयपुर की कंपनी कोरल एसोसिएट को टोल वसूलने की जिम्मेदारी मिली।
कोरल ने अगस्त-सितम्बर 2023 से अक्टूबर 2024 तक टोल टैक्स वसूलने का कार्य किया। एसटीएफ की छापेमारी की बात पर उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया।
वाराणसी हनुमना नेशनल हाईवे 135 पर एनएचएआई द्वारा वर्ष 2021 से टोल वसूली की जा रही है।
मिर्जापुर में टोल प्लाजा पर लखनऊ STF का छापा, 120 करोड़ गबन के आरोप में तीन हिरासत में
हैंड मशीन से वसूली की पहले से ही थी शिकायत
वाहनों से हैंड मशीन द्वारा जबरदस्ती वसूली की शिकायत चालक आए दिन करते रहते थे। काफी समय से ओवरलोड वाहनों से डबल राजस्व वसूली की जाती रही है। इससे प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान सरकार का काम किया जाता रहा है।
लालगंज थाना क्षेत्र के एनएच 135 पर स्थित अतरैला शिवगुलाम गांव का टोल प्लाजा, यही पर एसटीएफ ने छापा मारकर पकड़ा है गमन का मामला
माना जा रहा है कि टोल पर होने वाली वसूली में अनियमितता की शिकायत पर एसटीएफ लखनऊ के निरीक्षक दीपक सिंह के नेतृत्व में बुधवार की भोर में छापेमारी की गई। जांच में सामने आया कि टोल प्लाजा पर सॉफ्टवेयर के जरिए टोल कलेक्शन की वास्तविक राशि छिपाई जा रही थी। एसटीएफ ने मौके से पर्ची निकालने वाली हैंड मशीन भी बरामद की है। टोल प्लाजा पर बचे शेष कर्मचारी भय ग्रस्त होकर काम करते देखे गए।
लालगंज थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने कहा कि एसटीएफ लखनऊ की टीम यहां आई थी। उसी की तहरीर पर वर्तमान में टोल वसूल कर रही डेल कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसके तहत टोल मैनेजर समेत दो कर संग्रह कर्ता को हिरासत में लिया गया है।