मनोज कुमार त्रिपाठी
काठमांडू ।
बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या की घटना पर राष्ट्रीय एकता दल ने गहरा दुख और कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। पार्टी ने इस घटना को अमानवीय, क्रूर और निंदनीय बताते हुए कहा कि यह मानवता, लोकतंत्र और सभ्य समाज पर सीधा हमला है।
राष्ट्रीय एकता दल ने अपने प्रेस वक्तव्य में आरोप लगाया कि यह घटना बांग्लादेश सरकार की अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा में विफलता को उजागर करती है। पार्टी का कहना है कि बांग्लादेश में लगातार हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हिंसा, धमकी और हत्याओं की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार की चुप्पी और कमजोरी गंभीर चिंता का विषय है।
पार्टी ने बांग्लादेश सरकार से मांग की है कि इस घटना में शामिल सभी दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए। साथ ही, देश में रहने वाले सभी अल्पसंख्यक समुदायों के जीवन, संपत्ति और धार्मिक स्वतंत्रता की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा आतंकवाद और कट्टरपंथी ताकतों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।
इसके अलावा, राष्ट्रीय एकता दल ने बांग्लादेश में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना पर भी जोर देते हुए कहा कि समय पर स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय चुनाव कराना अत्यंत आवश्यक है। पार्टी का मानना है कि जनादेश से चुनी गई लोकतांत्रिक सरकार के बिना मानवाधिकारों की रक्षा, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और स्थायित्व संभव नहीं है।
अंत में, राष्ट्रीय एकता दल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, मानवाधिकार संगठनों और पड़ोसी देशों से इस गंभीर मामले पर ध्यान देने और बांग्लादेश में शांति, लोकतंत्र और अल्पसंख्यक सुरक्षा के लिए प्रभावी पहल करने की अपील की है।


