मनोज कुमार त्रिपाठी
काठमांडू! “नेपाल नेपाली ही बनाएगा, नेपाल का व्यापार नेपाल में ही होगा” इसी नारे के साथ नेपाल में एक नए राष्ट्रीय स्वाभिमान, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान का उद्देश्य नेपाल को आत्मनिर्भर, समृद्ध, भ्रष्टाचारमुक्त और धार्मिक मूल्यों पर आधारित राष्ट्र बनाना है। इसकी जानकारी राष्ट्र, राष्ट्रीयता, धर्म,संस्कृति तथा नागरिक बचाओ अभियान के केन्द्रीय अध्यक्ष दुर्गा प्रसाई ने दी है।

अभियान के घोषणापत्र में कहा गया है कि नेपाल को वैदिक सनातन, बौद्ध और किरात परंपराओं पर आधारित हिन्दू अधिराज्य के रूप में पुनर्स्थापित किया जाएगा। वर्तमान प्रदेश प्रणाली और सेती–सेतो हाथी वाली संरचना को समाप्त कर, पुनः पाँच विकास क्षेत्र, चौदह अंचल और पचहत्तर जिला प्रणाली को लागू करने की बात कही गई है।
राजनीतिक सुधारों में प्रत्यक्ष निर्वाचित कार्यकारी प्रधानमंत्री की व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही बैंक और वित्तीय संस्थाओं का पुनः राष्ट्रीयकरण कर, 34 खरब नेपाली रुपये की जोखिमग्रस्त पूँजी को सुरक्षित करने की योजना है।
अभियान के नेताओं ने कहा कि नेपाल के युवाओं को अब विदेशों में श्रम बेचने की आवश्यकता नहीं है। खाड़ी देशों में काम कर रहे नेपाली युवाओं को स्वदेश वापस बुलाकर उनके कौशल के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, और विदेशी जेलों में बंद लगभग 7,000 नेपाली श्रमिकों को नेपाल वापस लाने की पहल की जाएगी।

लघुवित्त और सहकारी संस्थाओं से लिए गए 20 लाख रुपये तक के ऋण माफ किए जाएंगे, जबकि 20 लाख से अधिक के ऋण को 25 वर्ष की अवधि में 5% ब्याज पर पुनर्गठित किया जाएगा।
आर्थिक सशक्तिकरण के तहत यह भी घोषणा की गई है कि विदेश में काम करने वाले श्रमिकों को 30 लाख रुपये तक का बिना गिरवी लोन 3% ब्याज दर पर दिया जाएगा।
नेपाल में 100 से अधिक मेडिकल, इंजीनियरिंग, सीए और प्राविधिक कॉलेजों की स्थापना की जाएगी, ताकि छात्र विदेश पढ़ाई के लिए न जाएं। संस्कृत भाषा और नैतिक शिक्षा को शिक्षा प्रणाली में अनिवार्य किया जाएगा। काली सूची में दर्ज छह लाख नेपाली नागरिकों के नाम हटाए जाएंगे।

कृषि ऋण 2% ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा, और उत्पादित वस्तुओं के लिए सरकारी बाजार गारंटी दी जाएगी।
वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान में विशेष प्रावधान किए गए हैं जिसमें 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क उपचार और प्रति माह 10,000 रुपये का भत्ता देने की व्यवस्था की जाएगी।
अभियान ने यह भी कहा है कि 2046 साल के बाद सत्ता में आए नेताओं और अधिकारियों की संपत्ति की जांच कर, अवैध संपत्ति को सरकारीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही सरकारी कर्मचारियों, पुलिस, सेना और शिक्षकों का वेतन एक लाख रुपये मासिक करने और भ्रष्टाचार सिद्ध होने पर आजीवन कारावास का कानून लागू करने का प्रस्ताव है।

अभियान का नारा है कि विदेशों में अपने युवाओं को नहीं बेचेंगे, बल्कि अपने हिमालय का पानी, पहाड़ की जड़ी-बूटियां और तराई का अन्न बेचेंगे। यही सच्चा आत्मनिर्भर नेपाल होगा।
मंसिर विशेष संदेश: “उठो नेपाली, एक साथ!”
स्वदेश में ही रोजगार का सृजन,लघु वित्त और सहकारी ऋण में राहत,भ्रष्टाचारमुक्त शासन,आत्मनिर्भर अर्थतंत्र का निर्माण,शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग में सुधार,राष्ट्र, राष्ट्रीयता, धर्म और संस्कृति की रक्षा का अभियान हमारा प्रमुख अभियान है।
यह घोषणा नेपाल में एक नए राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम के रूप में देखी जा रही है।
नेपाल के नागरिकों में यह अभियान नई उम्मीद और राष्ट्रीय गौरव की भावना को जागृत करने वाला साबित हो रहा है।

