कागजी प्रक्रिया पूरी किए बिना नेपाल में भारतीय टूरिस्ट बसों की नो एंट्री, पर्यटन व्यवसाय को हो सकता है भारी नुकसान?

नये नियम से सोनौली बॉर्डर पर बड़ी संख्या में फंसे यात्री, टूरिस्ट बसें रोकी गईं, नया परमिट अनिवार्य

उमेश चन्द्र त्रिपाठी

सोनौली महराजगंज! नेपाल बॉर्डर पर अब भारतीय पर्यटकों को कड़ी जांच का सामना करना पड़ रहा है। पिछले दो दिनों से सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) लगातार भारत से नेपाल जाने वाली टूरिस्ट बसों को बॉर्डर पर रोक रही है। अब नेपाल में प्रवेश के लिए केवल टूरिस्ट परमिट काफी नहीं रह गया है। यात्रियों को अब “नेपाल स्थित भारतीय दूतावास” से विशेष परमिट लेना अनिवार्य कर दिया गया है।

 

 

एसएसबी के अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों के पास जो परमिट होते हैं, वे सिर्फ भारत के भीतर यात्रा के लिए वैध होते हैं। नेपाल में प्रवेश तभी मिलेगा जब परमिट पर स्पष्ट रूप से “नेपाल के लिए वैध” लिखा हो। इसके अलावा, नेपाल एंबेसी में “फॉर्म-सी” जमा करना भी अब अनिवार्य कर दिया गया है।

इस अचानक आए बदलाव के कारण बड़ी संख्या में यात्री सोनौली बॉर्डर पर फंसे हुए हैं। कई लोगों ने नाराजगी भी जताई है क्योंकि उन्हें इस नियम की जानकारी पहले से नहीं थी। दूसरी ओर, पैदल यात्रियों के लिए अभी किसी तरह की पाबंदी नहीं लगाई गई है, वे पहले की तरह नेपाल आ-जा सकते हैं

पर्यटन के लिए नेपाल जाने वालों के लिए यह एक जरूरी चेतावनी है-सिर्फ टिकट लेकर निकलने से काम नहीं चलेगा। पहले जरूरी परमिट और कागजी प्रक्रिया पूरी कीजिए, तभी नेपाल में एंट्री मिल पाएगी। वरना सैर-सपाटे की जगह बॉर्डर पर ही इंतजार करना पड़ सकता है।

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