महराजगंज में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की सख्त कार्रवाई, प्रभारी कानूनगो उपेन्द्र नाथ त्रिपाठी को किया सस्पेंड

मनोज कुमार त्रिपाठी 

महराजगंज! शासन के निर्देशों और जनता से जुड़े राजस्व कार्यों में पारदर्शिता और गति लाने के मकसद से प्रशासन ने एक और सख्त कदम उठाया है। फरेंदा तहसील में तैनात प्रभारी कानूनगो उपेन्द्र नाथ त्रिपाठी को जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उपेन्द्र नाथ त्रिपाठी पर धारा 24 के अंतर्गत लंबित मामलों में गंभीर लापरवाही और कार्यों में निष्क्रियता बरतने के आरोप हैं।

प्राप्त समाचार के अनुसार, उपेन्द्र नाथ त्रिपाठी फरेंदा तहसील में प्रभारी कानूनगो के पद पर कार्यरत थे। हाल ही में जिलाधिकारी द्वारा की गई विभागीय समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि उन्होंने धारा 24 से संबंधित कई मामलों का समय से निस्तारण नहीं किया। इतना ही नहीं, उनके कार्यों में अपेक्षित तत्परता, निष्पक्षता और जिम्मेदारी का भी अभाव पाया गया, जिससे आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उपेन्द्र नाथ त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्णय लिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की मंशा है कि राजस्व से संबंधित सभी मामलों का समाधान समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से किया जाए। इसके लिए किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट शब्दों में सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं और जनकल्याण से जुड़ी नीतियों का लाभ आम जनता तक सही समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचना चाहिए। इसके लिए सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ करना होगा।

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि विभागीय कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही, विलंब या भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि भविष्य में यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई या कार्यप्रणाली में लापरवाही नजर आई, तो किसी भी प्रकार की शिथिलता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस अवसर पर उन्होंने यह भी कहा कि जनता का प्रशासन पर विश्वास तभी कायम रहेगा जब अधिकारी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे समयबद्ध कार्यवाही करें, जन शिकायतों को गंभीरता से लें और समाधान के लिए तत्पर रहें।

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