मानवता के सबसे बड़े दुश्मन हैं आतंकी संगठन-भरत बहादुर केसी अध्यक्ष 

पूरी दुनिया से होगा आतंकवाद का खात्मा,भारत ने उठाया सकारात्मक कदम – ताहिर अली नेता राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी नेपाल 

पहलगाम के खून के छींटें नेपाल तक

मनोज कुमार त्रिपाठी 

भैरहवा नेपाल! पहलगाम की घटना से नेपाल में भी गम और गुस्से का माहौल है। तमाम कारणों से नेपाल की मौजूदा हुकूमत की भारत से नाइत्तफाकी के बावजूद वह चाहता है कि इस बार भारत की ओर से पाकिस्तान के साथ कुछ बड़ा हो। इस वजह से नहीं कि पहलगाम में उसके भी एक नागरिक सुदीप न्योपाने की हत्या हुई, बल्कि इस वजह से कि नेपाल भी एक टूरिस्ट कंट्री है और उसे इस बात का भय सताने लगा है कि कहीं पाक आतंकियों का रुख इधर हो गया तो वह बर्बाद हो जाएगा। टूरिस्टों ने आना- जाना बंद कर दिया तो वहां का व्यापार डूब जाएगा और भुखमरी की नौबत आ जाएगी। भारतीय टूरिस्टों का बड़ा हब नेपाल की खूबसूरत वादियां भी है।

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पहलगाम आतंकी हमले को लेकर भैरहवा निवासी भरत बहादुर केसी अध्यक्ष ने कहा कि आतंकवादी पूरी दुनिया के दुश्मन है उन्हें किसी धर्म और जाति से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को आतंकियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकियों की कोई जाति और धर्म नहीं होती ऐसे में इस लड़ाई में पूरी दुनिया को भारत का साथ देना चाहिए। इस लड़ाई में पूरा नेपाल भारत सरकार के साथ खड़ा है।

वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी नेपाल के केंद्रीय सदस्य ताहिर अली ने खुले शब्दों में कहा कि पहलगाम घटना के खिलाफ भारत जो भी कार्रवाई करेगा, नेपाल उसके साथ खड़ा है। पूरी दुनिया को एकजुट होकर आतंकवाद का खात्मा करना चाहिए,इस संबंध में भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई कर सकारात्मक कदम उठाया है। उन्होंने कहा पाकिस्तान भारत सरकार की दरियादिली को कमजोर समझने की भूल कर बैठा। अब उसे इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।

राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के युवा नेता प्रज्जवल बोहरा ने कहा कि पहलगाम पर अटैक कर पाकिस्तान अपने वजूद की समाप्ति के लिए भारत को उकसाया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान खुलकर सामने न आकर भाड़े के टट्टुओं से निर्दोषों की हत्या करवाकर बड़ी भूल की है अब उसे पहलगाम की घटना की बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है।

उन्होंने कहा है कि निर्दोषों का कत्ल कर पाकिस्तान ने अपनी तबाही की इबारत लिख दिया है। उम्मीद जताई कि आने वाले कुछ ही दिनों में उसे इसकी कल्पना से भी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। 

उन्होंने कहा कि पहलगाम में धर्म पूछकर हंसते खेलते पर्यटकों को निशाना बनाना पाकिस्तान की क्रूरता की पराकाष्ठा है। पहलगाम में मारे गए 27 निर्दोषों के खून के छींटें नेपाल तक भी पहुंचा है। बुटवल के युवा व्यवसाई सुदीप न्योपाने अपनी बहन बहनोई और मां के साथ पहलगाम घूमने गए थे। सुदीप वहां आतंकियों की गोली का शिकार हो गए। जिस रोज परिजनों द्वारा उनका शव नेपाल लाया गया उस रोज नेपाल बार्डर पर हजारों नेपाली लोग इकट्ठा थे। सबके सब पाकिस्तान मुर्दाबाद का नारा लगा रहे थे। और सभी ने एक स्वर से मांग की थी भारत पाकिस्तान को कड़ी सबक सिखाए, पूरा नेपाल उसके साथ है।

दरअसल पहलगाम की घटना से नेपाल की चिंता अपना प्रयटन उद्योग बचाने की है। नेपाल के कुल आर्थिक स्रोत का बड़ा हिस्सा प्रयटन उद्योग से हासिल होता है और टूरिस्टों में भी बाकी देशों के मुकाबले भारत की बड़ी भागीदारी होती है। यहां टूरिस्टों के सुरक्षा के बेहतर इंतजाम भी नहीं रहते और न ही खुफिया पहरा होता है। 

पहलगाम की घटना से नेपाल का डर इस बात को लेकर है कि कहीं नेपाल की धरती पर भारतीय पर्यटकों को निशाना बनाया गया तो उसकी तो कमर ही टूट जाएगी। चूंकि पाकिस्तान का आपराधिक दिमाग कहीं भी कुछ भी कर सकता है। वक्त आ गया जब इसका फन उठने के पहले ही कुचलने की जरूरत है। मोदी सरकार इस काम को बखूबी अंजाम दे रही है।

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