उमेश चंद्र त्रिपाठी
महराजगंज! सरदार वल्लभ भाई पटेल केवल लौह पुरुष ही नहीं बल्कि राष्ट्र-निर्माण के प्रेरणा दायक स्तंभों में से एक- बृजेश मणि त्रिपाठी
भारत की आजादी के बाद जब पूरा देश रियासतों, मतभेदों और अस्थिरता के बीच दिशा खोज रहा था, तब सरदार वल्लभ भाई पटेल दृढ़ता, निर्णय क्षमता और अटूट राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बनकर खड़े हुए।
सरदार पटेल एक ऐसे नेता थे, जिन्होंने न तलवार से, न जंग से बल्कि अपनी अटल इच्छाशक्ति और राजनीतिक बुद्धिमत्ता से 562 रियासतों को एकजुट कर भारत को अखंड बनाया। जिसके कारण उन्हें लौह पुरुष की उपाधि व भारत रत्न से सम्मानित किया गया। ऐसे लौह पुरुष के 150 वीं जयंती पर आज नौतनवां नगर पालिका कार्यालय में पालिका अध्यक्ष बृजेश मणि त्रिपाठी व अधिशासी अधिकारी संदीप कुमार सरोज ने उनके चित्र पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उपस्थित कर्मचारियों को शपथ भी दिलाया।
इस अवसर पर पालिका अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि “आज भारत को एक मजबूत, एकीकृत राष्ट्र के रूप में जो हम देख रहे हैं, वो दर असल पटेल जी के लौह-संकल्प का परिणाम है, वह केवल “लौह पुरुष” नहीं, बल्कि राष्ट्र-निर्माण के प्रेरणा दायक स्तंभों में से एक हैं।

इस अवसर पर प्रधान लिपिक रमाशंकर सिंह, सभासद धर्मात्मा जायसवाल,अनिल मद्धेशिया,अनिल जायसवाल,राकेश जायसवाल,सुरेन्द्र बहादुर जायसवाल,संजय पाठक,दुर्गेश कुमार,संजय मौर्या,जयप्रकाश मद्धेशिया,राहुल दूबे,अशोक रौनियार,संतोष श्रीवास्तव,दीपू प्रजापति,अफरोज अहमद,आनन्द कुमार,श्रवण कुमार, ईश्वर जायसवाल,सुभाष चन्द, सुजीत चौधरी, मनोज कुमार आदि लोग उपस्थित रहे।