मनोज कुमार त्रिपाठी
सेमलार/भैरहवा, नेपाल | द इंडिया एक्सप्रेस न्यूज़
भैरहवा से सटे सेमलार क्षेत्र में चुनावी माहौल के बीच विकास को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। एयरपोर्ट, बॉर्डर और व्यापारिक सुविधाओं को लेकर जनता के सवाल लगातार उठ रहे हैं।
खासतौर पर गौतम बुद्ध अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा से नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की कमी को लेकर स्थानीय व्यवसायियों में नाराज़गी है। होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि एयरपोर्ट बनने के बाद भी अपेक्षित संचालन नहीं होने से पर्यटन, व्यापार और रोजगार पर सीधा असर पड़ा है।
सोनौली बॉर्डर से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि भंसार (कस्टम) व्यवस्था और सीमित सुविधाओं के कारण आयात–निर्यात प्रभावित हो रहा है। स्थानीय युवाओं का भी कहना है कि बड़े प्रोजेक्ट आने के बावजूद रोजगार के पर्याप्त अवसर सृजित नहीं हो पाए।
इसी बीच, दीपक बोहरा की विकासवादी छवि एक बार फिर चर्चा में है। क्षेत्र में कई नागरिकों ने बताया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में सिंचाई, सड़क, बिजली और भूमिगत जल परियोजनाओं को प्राथमिकता दी। भैरहवा–लुम्बिनी क्षेत्र में किसानों के लिए सिंचाई व्यवस्था को उनकी बड़ी उपलब्धि माना जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है, “विकास केवल घोषणा पत्र में नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए।” यही वजह है कि आज भी उनके कार्यों को उदाहरण के तौर पर याद किया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सेमलार–भैरहवा की जनता अब वादों से आगे बढ़कर ठोस परिणाम चाहती है। चुनावी रण में विकास, रोजगार और व्यापारिक सुविधा ही सबसे बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।
रिपोर्ट: द इंडिया एक्सप्रेस न्यूज़, सेमलार–भैरहवा (नेपाल) nhi