उमेश चन्द्र त्रिपाठी
महाराजगंज ! छठ महापर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह मुस्तैद हो गई है। प्रदेश के सभी जिलों में प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। विशेष रूप से भारत-नेपाल सीमा से सटे संवेदनशील जिलों महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर और श्रावस्ती में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। आतंकी गतिविधियों की आशंका को देखते हुए नेपाल सीमा पर गहन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) और स्थानीय पुलिस द्वारा लगातार गश्त और चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।

हर वाहन और व्यक्ति की हो रही बारीकी से जांच
महराजगंज जैसे संवेदनशील इलाकों में छठ पर्व के मद्देनजर भारत-नेपाल सीमा पर आने-जाने वाले हर व्यक्ति और वाहन की बारीकी से जांच की जा रही है। सुरक्षा कर्मी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सीमा पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। वहीं एसएसबी और पुलिस के संयुक्त दल द्वारा सीमा पर नियमित पेट्रोलिंग भी की जा रही है।
850 छठ घाटों पर की गई विशेष तैयारियां
महराजगंज जनपद में लगभग 850 छठ घाट बनाए गए हैं, जहां श्रद्धालु सूर्य उपासना करेंगे। इन घाटों पर प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। सफाई, रोशनी, पेयजल और सुरक्षा की दृष्टि से सभी घाटों को तैयार किया गया है। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा और पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा स्वयं छठ पर्व की तैयारी की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारी लगातार मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

शांतिपूर्ण पर्व के लिए प्रशासन सतर्क
प्रशासन का कहना है कि छठ महापर्व आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है, इसलिए इसे पूरी शांति और सौहार्द के माहौल में संपन्न कराया जाएगा। जनपद की पुलिस और सीमा सुरक्षा बलों के जवान पूरी तरह चौकन्ने हैं ताकि किसी भी प्रकार की आतंकी या असामाजिक गतिविधि को रोका जा सके। सरकार और प्रशासन दोनों का उद्देश्य एक ही है श्रद्धालुओं को सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में छठ महापर्व मनाने की सुविधा देना।