उमेश चन्द्र त्रिपाठी
चितवन राष्ट्रीय निकुंज के दो हाथियों को बुधवार की शाम नेपाल सरकार ने भैरहवा के गौतम बुद्ध अंतर्राष्ट्रीय विमान स्थल से कतर को उपहार स्वरूप भेजा गया।
चितवन राष्ट्रीय निकुंज के प्रमुख संरक्षण अधिकृत गणेश पंत ने बताया की नेपाल की पूर्व राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी 2018 में जब भ्रमण के लिए कतर गई थी। उस समय उन्होंने कतर को उपहार स्वरूप एक जोड़ी हाथी देने का घोषणा किया था।
पिछले साल जब कतर के अमिर शेख तमित औपचारिक यात्रा पर नेपाल आए थे। उस समय ही घोषणा किया गया एक जोड़ी हाथी को उनके साथ भेजने की बात चल रहा थी। लेकिन कुछ कारणवश उनके साथ हाथी को नहीं भेजा जा सका।
चितवन राष्ट्रीय निकुंज के सूचना अधिकारी अविनाश थापा मगर ने बताया की कतर को उपहार स्वरूप भेजा गया सात वर्षीय मादा हाथी रुद्रकली तथा छह वर्षीय नर हाथी खगेन्द्र प्रसाद का जन्म चितवन निकुंज के सौराहा स्थित हाथी शाला में हुआ था।
दोनों हाथी को कतर भेजने से पहले सोमवार को सौराहा में विदाई समारोह का आयोजन किया गया था। इसके पश्चात हाथी रखने के लिए बनाए गए विशेष कंटेनर में रख कर ट्रक पर लोड कर भैरहवां ले आया गया था।
नेपाल के वन तथा वातावरण मंत्रालय के सचिव तथा निकुंज विभाग के उच्च अधिकारियों के द्वारा कतर के राजदूत निशाक मोहम्मद उल अंसारी को दोनों हाथी का हस्तांतरण किया गया। इसके पश्चात दोनों हाथी को कतर के कार्गो विमान में लोड कर कतार के लिए रवाना कर दिया गया।
कतर भेजे गए दोनों हाथी रोनाल्डो नामक जंगली हाथी का बच्चा है। हाथी प्रजनन केंद्र के हाथी शाला में रहने वाले मादा हाथी जंगली हाथी रोनाल्डो, ध्रुव, गोविंदा जैसे शक्तिशाली हाथी के संबंध से गर्भवती होती है।
नेपाल सरकार द्वारा जैविक विविधता के महत्व को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान कराने के उद्देश्य से उपहार स्वरूप दूसरे देश को वन्य जीव को दिया जाता है। लेकिन किसी दूसरे देश में हाथी भेजने की यह पहली घटना है। इसके पहले विभिन्न देशों को नेपाल की तरफ से गैंडा तथा अन्य वन्य जीव को उपहार स्वरूप दिया जा चुका है।


