बौद्ध स्थलों का दर्शन बना उद्देश्य
मनोज कुमार त्रिपाठी
लुंबिनी नेपाल! श्रीलंका के नुवान कुमार अपने मित्र सुगध के साथ एक अनोखी और प्रेरणादायक साइकिल यात्रा पर निकले हैं। दोनों साइकिल से श्रीलंका से भारत होते हुए नेपाल पहुंचे हैं। उनकी यह यात्रा आज 64 वें दिन में प्रवेश कर चुकी है, जिसमें उन्होंने अब तक भारत और नेपाल के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों की यात्रा पूरी की है।

नुवान कुमार ने बताया कि उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य बौद्ध धर्म से जुड़े पवित्र स्थलों का दर्शन करना है। यात्रा के दौरान उन्होंने चेन्नई, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश का भ्रमण किया। इसके बाद सोनौली बॉर्डर के माध्यम से वे नेपाल में प्रवेश कर बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी पहुंचे।

उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा बौद्ध स्थलों से ही शुरू हुई थी, जिसमें बोधगया, राजगीर, नालंदा, वैशाली और कुशीनगर शामिल हैं। अंत में भगवान बुद्ध की जन्मभूमि लुंबिनी आकर उनकी यात्रा को विशेष आध्यात्मिक शांति और संतोष मिला।
नुवान कुमार ने नेपाल के लोगों की खुले दिल से प्रशंसा करते हुए कहा कि लुंबिनी में उन्हें जो प्रेम और अपनापन मिला, उसने उनका दिल जीत लिया। वे केवल चार दिनों के लिए लुंबिनी आए थे, लेकिन स्थानीय लोगों के स्नेह और सहयोग से प्रभावित होकर उन्होंने यहां 14 दिन बिताने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा,
“लुंबिनी में आकर मेरा दिल बहुत खुश हुआ। नेपाल के लोगों का प्यार मेरी उम्मीदों से कहीं ज्यादा था। यही वजह है कि मैं और मेरे साथी यहां अधिक समय तक रुके।
नुवान कुमार और उनके मित्र सुगध की यह साइकिल यात्रा न केवल आस्था और साहस का उदाहरण है, बल्कि देशों के बीच सांस्कृतिक और मानवीय रिश्तों को भी मजबूत करने का संदेश देती है।





