व्यवसायियों से केंद्रीय संस्कृति,पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री मंत्री की अपील, संघर्ष नहीं, सहजीकरण समिति बनाइए

मनोज कुमार त्रिपाठी 

भैरहवा नेपाल! केंद्रीय संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मंत्री बद्री प्रसाद पांडे ने भैरहवा स्थित गौतमबुद्ध अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन के लिए दबाव बनाने हेतु नगर प्रमुख की अध्यक्षता में बने संघर्ष समिति को सहजीकरण समिति में बदलने की अपील व्यवसायियों से की है।

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उन्होंने कहा कि संघर्ष के रास्ते से वातावरण बिगड़ सकता है, इसलिए सहजीकरण के रास्ते से आगे बढ़ना आवश्यक है।

रुपन्देही के सिद्धार्थ उद्योग वाणिज्य संघ द्वारा शनिवार को भैरहवा में आयोजित गौतमबुद्ध अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के दीर्घकालिक संचालन विषयक चर्चा कार्यक्रम में मंत्री पांडे ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए निजी क्षेत्र को आगे बढ़ना चाहिए और सरकार पीछे से सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र को प्रतिबंधित नहीं बल्कि नियंत्रित किया जाना चाहिए। सरकार निजी क्षेत्र के लिए निवेश का रास्ता आसान बनाने के पक्ष में है।

मंत्री ने सवाल उठाया– “अगर कोई न चलने वाला हवाई अड्डा चला सकता है तो क्यों न उसे अवसर दिया जाए? भैरहवा में हवाई अड्डा न बनाकर और कहां बनाया जाए? यह हवाई अड्डा जरूर चलेगा, गुलजार होकर चलेगा। दुनियाभर के हवाई अड्डों को शुरुआत में कठिनाई होती है। शुरुआत में कोई हवाई अड्डा गुलजार नहीं होता। यदि यह हवाई अड्डा नहीं चला तो फिर कोई और भी नहीं चलेगा।” उन्होंने निराशा न फैलाने की अपील करते हुए कहा कि ग्राउंड हैंडलिंग को प्रभावी बनाने के लिए वे नेपाल एयरलाइंस से बात करेंगे।

उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र को जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभानी होगी। “सिर्फ मंत्री बोलने से हवाई अड्डा नहीं चलता, इसका नेतृत्व हमें ही करना होगा।” साथ ही उन्होंने बताया कि विमान टिकट पर वैट घटाने का प्रस्ताव वित्त मंत्रालय तक गया है, लेकिन सिस्टम की वजह से यह संभव नहीं हो सका।

 

 

सिद्धार्थनगर नगरपालिका के मेयर इश्तियाक अहमद खान ने कहा कि हवाई अड्डे के संचालन के लिए संघर्ष समिति का गठन करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लुम्बिनी का विकास देश के विकास से जुड़ा है, इसलिए हवाई अड्डे का संचालन हर हाल में होना चाहिए।

सिद्धार्थ उद्योग वाणिज्य संघ, रुपन्देही के अध्यक्ष नेत्र प्रसाद आचार्य ने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि हवाई अड्डा चलेगा या नहीं। बार-बार चर्चा और मीडिया में आने के बाद भी सरकार की चुप्पी लापरवाही को दर्शाती है।

गौतमबुद्ध अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के महाप्रबंधक प्रताप बाबू तिवारी ने बताया कि यहां से वीजा, श्रम स्वीकृति, मैनपावर और मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थान न होने के कारण नियमित अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें संभव नहीं हो पा रही हैं।

सिद्धार्थ उद्योग संघ के पूर्व अध्यक्ष ठाकुर कुमार श्रेष्ठ ने कहा कि यदि सरकार हवाई अड्डा नहीं चला सकती तो इसे निजी क्षेत्र को सौंप देना चाहिए। वहीं संघ के पूर्व अध्यक्ष और सलाहकार महेन्द्र कुमार श्रेष्ठ ने कहा कि यदि संचालन नहीं हुआ तो संघर्ष ही आखिरी विकल्प होगा।

नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ लुम्बिनी प्रदेश के उपाध्यक्ष कुल प्रसाद न्यौपाने ने सवाल उठाया कि क्या हवाई अड्डा न चलने का कारण कर्मचारियों की इच्छाशक्ति की कमी है?

पूर्व अध्यक्ष विष्णु प्रसाद शर्मा ने सवाल किया जब इतना मजबूत सरकार यह हवाई अड्डा नहीं चला पा रही है तो कौन सा सरकार चलाएगा?” 

वहीं महासंघ के उद्योग समिति के अध्यक्ष राजेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि सरकार में बैठे लोगों की इच्छाशक्ति की कमी के कारण हवाई अड्डा नहीं चल पा रहा है।

पर्यटन व्यवसायी आशा गुरुङ ने कहा कि सरकार के कई निर्णय लागू ही नहीं हो पाए हैं। सोट्टो लुम्बिनी प्रदेश के अध्यक्ष श्रीचंद गुप्ता ने कहा कि बेलहिया स्थित इमीग्रेशन ऑफिस में सीमित कर्मचारियों के कारण समस्या हो रही है।

व्यवसायी बासु बडाल ने कहा कि उपचुनाव को ध्यान में रखकर नहीं बल्कि दीर्घकालीन दृष्टिकोण से हवाई अड्डे का संचालन होना चाहिए। सिद्धार्थ उद्योग संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिलीप कुमार कान्दु ने मंत्री पांडे से आग्रह किया कि इस क्षेत्र के कृषि उत्पाद को विश्व बाजार तक पहुंचाने का मार्ग तैयार किया जाए।

व्यवसायी दीपेन्द्र पौड़ेल ने कहा कि हवाई अड्डे के संचालन के लिए सरकार से केवल आश्वासन ही मिला है। नाट्टा लुम्बिनी प्रदेश के अध्यक्ष चन्द्र बहादुर थापा ने कहा कि बार-बार ध्यानाकर्षण कराने के बावजूद केवल प्रतिबद्धता आई है, परिणाम नहीं।

पर्यटन व्यवसायी संजय बजिमय ने कहा कि हवाई अड्डा संचालित न होने से निजी क्षेत्र की अरबों की पूंजी डूब रही है। दूसरे व्यवसायी संजीव जोशी ने कहा कि अगर सरकार चाहे तो हवाई अड्डा संचालन में कोई समस्या नहीं है।

यह कार्यक्रम सिद्धार्थ उद्योग संघ के महासचिव कृष्ण प्रसाद घिमिरे के संचालन में सम्पन्न हुआ।

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