भारत-नेपाल रिश्तों पर भरोसा: ‘रोटी-बेटी का संबंध और मजबूत होगा’
मनोज कुमार त्रिपाठी
नेपाल में जारी चुनावी मतगणना के बीच राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रासपा) के नेताओं ने बड़ी जीत का दावा किया है। पार्टी के नगर सभापति परशुराम जी ने कहा कि जिस तरह का माहौल अभी देशभर में रासपा के पक्ष में दिखाई दे रहा है, उससे साफ संकेत मिल रहा है कि पार्टी बहुमत की सरकार बनाने जा रही है। उन्होंने बताया कि लगभग सौ सीटों पर मतगणना के रुझानों को देखकर यह अनुमान लगाया जा सकता है कि रासपा न केवल सरकार बनाएगी बल्कि दो-तिहाई बहुमत के करीब भी पहुँच सकती है, जिससे संविधान में आवश्यक संशोधन कर देश के विकास की दिशा को और मजबूत किया जा सकेगा।
परशुराम जी का कहना है कि पिछले कई वर्षों में जो काम सरकारों को करना चाहिए था, वह नहीं हो पाया। इसी कारण जनता ने इस बार परिवर्तन के लिए रासपा पर विश्वास जताया है। पार्टी ने जो भी वादे अपने घोषणापत्र में किए हैं, उन्हें 100 प्रतिशत लागू करने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा नहीं करेगी तो जनता अगले चुनाव में उसी तरह जवाब देगी, जैसा इस बार पुराने दलों को दिया है।
भारत-नेपाल संबंधों पर बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि दोनों देशों के बीच ‘रोटी-बेटी का संबंध’ हमेशा मजबूत रहा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने बताया कि तराई क्षेत्र में रहने वाले लोगों का भारत से गहरा सामाजिक और पारिवारिक जुड़ाव है। स्वयं उनके कई रिश्तेदार भारत के शहरों लखनऊ और गोरखपुर में रहते हैं, इसलिए दोनों देशों के बीच आने-जाने और पारिवारिक रिश्तों की परंपरा हमेशा कायम रहेगी। उनके अनुसार किसी भी नई सरकार के आने से भारत-नेपाल संबंधों में कोई दरार नहीं आएगी, बल्कि संबंध और अधिक मजबूत होंगे।
वहीं रूपन्देही के संसदीय क्षेत्रों की स्थिति पर उन्होंने दावा किया कि पांचों सीटों पर रासपा के उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं और भारी बहुमत से जीत दर्ज करने की संभावना है। उनके अनुसार यदि यही रुझान जारी रहता है तो आने वाले समय में नेपाल में राजनीतिक स्थिरता, विकास और समृद्धि का नया अध्याय शुरू होगा।